30. November 2022

Kartik Purnima 2022 Date: कार्तिक पूर्णिमा के दिन ग्रहण, जानें 7 या 8 कब मनाई जाएगी देव दीवाली

Kartik Purnima

Kartik Purnima 2022: चंद्र ग्रहण के कारण देव दीपावली की तिथि में बदलाव आया है

Kartik Purnima 2022 Date and Time: कार्तिक पूर्णिमा पर इस साल चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. भारत के कई शहरों में यह चंद्र ग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा जबकि कुछ शहरों में यह आंशिक ग्रहण होगा. 08 नवंबर को चंद्र ग्रहण शाम 5 बजकर 10 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. इससे पहले ग्रहण का सूतक काल सुबह करीब 8 बजकर 10 मिनट से लग जाएगा. इस दिन गंगा स्नान करने का शुभ मुहूर्त शुभ 4 बजे से लेकर सूर्योदय तक है. हालांकि पूर्णिमा का स्नान पूरे दिन किया जा सकता है. हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार कार्तिक मास की पूर्णिमा को देव दीवाली भी मनाई जाती है. ऐसे में इस बार चंद्र ग्रहण की वजह से देव दीवाली की तिथि में परिवर्तन हो रहा है. आइए जानते हैं कि इस साल देव दीवाली 7 या 8 नवंबर में से किस दिन मनाई जाएगी.
इस वजह से 7 नवंबर को मनेगी देव दीपावली | Dev Diwali 2022 Exact Date

पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की पूर्णिमा 8 नवंबर, 2022 को है. हलांकि इस दिन चंद्र ग्रहण भी लग रहा है. ऐसे में पंडितों का कहना है कि इस साल देव दीपावली 7 नवंबर को यानी आज ही मनाई जाए तो बेहतर है. कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 7 नवंबर यानी आज शाम 4 बजकर 15 मिनट से हो रही है. पूर्णिमा तिथि की समाप्ति 8 नवंबर को शाम 4 बजकर 31 मिनट पर होगी. ऐसे में चंद्र ग्रहण की वजह से देव दीपावली आज यानी 07 नवंबर को मनाई जा रही है. इस दिन दीप दान का खास महत्व है. आज दीपदान का समय शाम 5 बजकर 14 मिनट से 7 बजकर 49 मिनट तक है.

कार्तिक पूर्णिमा पर क्या करें | Kartik Purnima 2022 Dos

– कार्तिक पूर्णिमा के दिन सुबह उठकर किसी नदी या तालाब में जाकर स्नान करना अच्छा माना गया है. अगर गंगा स्नान करना संभव ना हो तो पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान करें. पुण्य उतना ही मिलेगा.

– कार्तिक पूर्णिमा के दिन प्रदोष काल में किसी नदी, तालाब में दीपदान करने का खास महत्व है.  ऐसे में इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में किसी नदी या तालाब में दीप जला कर प्रवाहित कर दें. मान्यता है कि इस दिन दीप दान करने से घर-परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है.

– कार्तिक पूर्णिमा के दिन चावल का दान करना शुभ होता है. दरअसल ज्योतिष शास्त्र में चावल का संबंध चंद्रमा से बताया गया है. ऐसे में इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के बाद चावल का दान किया जाता है.

– कार्तिक पूर्णिमा के दिन दीपदान, पूजा और दान करने का अलग महत्व है. इस दिन सुबह भगवान सत्यनारायण की कथा भी सुनेने से परम सुख की प्राप्ति होती है. इसके अलावा इस दिन घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण द्वार और पर रंगोली बना सकते हैं.

– कार्तिक पूर्णिमा के दिन विशेष समृद्धि योग बन रहा है. ऐसे में इस दिन शिवलिंग पर जल अवश्य चढ़ाएं और 108 बार ओम् नम: शिवाय मंत्र का जप करें. ऐसा करने से शिव जी की कृपा प्राप्त हो सकती है.

– माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन पीपल की पूजा करें और उसके चारो तरफ दीपक जलाएं. पीपल में लक्ष्मी का वास माना गया है। ऐसा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं.

कार्तिक पूर्णिमा के दिन क्या ना करें 

– पुराणों में कार्तिक पूर्णिमा के दिन को बहुत पवित्र माना गया है. ऐसे में इस दिन प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा का सेवन, अंडा जैसे तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए.  इसके अलावा पूर्णिमा के दिन शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए और पूर्णतः ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.

– कार्तिक पूर्णिमा के दिन आप सभी देवी-देवताओं को प्रसन्न कर सकते हैं. यह आध्यात्मिक दिन है इसलिए घर में इस दिन शांति और सद्भाव बनाकर पूर्वजों को याद करें. इस दिन भूल से भी घर का माहौल लड़ाई-झगड़े से खराब ना करें.

कार्तिक पूर्णिमा के दिन बल्कि कभी भी गरीब और असहाय लोगों का अपमान नहीं करना चाहिए. इस दिन अतिथि और भिखारी को खाना-पानी देकर ही विदा करना चाहिए. ऐसा करने से घर में बरकत होती है.

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